:
Breaking News

Bihar News: 264 नगर निकायों की सेवाएं एक पोर्टल पर, ऑनलाइन शिकायत और सेवाएं होंगी आसान

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

बिहार के 264 नगर निकायों की सेवाएं अब एक डिजिटल पोर्टल पर उपलब्ध होंगी। नागरिकों को ऑनलाइन सुविधा, शिकायत निवारण और विभिन्न सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी।

पटना/आलम की खबर:बिहार में शहरी सेवाओं को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आने वाला है। राज्य सरकार अब 264 नगर निकायों की सभी प्रमुख सेवाओं को एकीकृत कर एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की तैयारी में है। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन सुविधाएं देना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि उन्हें बार-बार नगर निकाय कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नगर विकास विभाग की इस योजना के तहत एक ऐसा आधुनिक पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जो राज्य के सभी नगर निकायों को एक साथ जोड़ेगा। वर्तमान में स्थिति यह है कि होल्डिंग टैक्स जैसी कुछ सेवाएं तो ऑनलाइन उपलब्ध हैं, लेकिन अन्य कई जरूरी कामों के लिए लोगों को अलग-अलग कार्यालयों में जाना पड़ता है। अलग-अलग निकायों की अपनी व्यवस्था होने के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए अब एक समान और केंद्रीकृत प्रणाली विकसित की जा रही है।

यह नई व्यवस्था राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के तहत तैयार की जा रही है, जिसमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार सेवा का चयन कर सकेंगे और उनका आवेदन सीधे संबंधित नगर निकाय तक पहुंच जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और समय की बचत भी होगी।

एक पोर्टल, कई सेवाएं

प्रस्तावित पोर्टल पर लगभग 15 प्रकार की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। इनमें प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराना, पेयजल और सीवरेज कनेक्शन जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इसके अलावा शिकायत निवारण, एनओसी जारी करना, विज्ञापन और होर्डिंग की अनुमति, साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी सुविधाएं भी इसी प्लेटफॉर्म के जरिए उपलब्ध होंगी।

इसके साथ ही, प्रशासनिक स्तर पर लीगल मैनेजमेंट, एसेट मैनेजमेंट और मैटेरियल मैनेजमेंट जैसी प्रक्रियाओं को भी डिजिटल सिस्टम में शामिल किया जाएगा। इससे न केवल सेवाओं का दायरा बढ़ेगा, बल्कि निकायों के कामकाज में भी एकरूपता आएगी।

पारदर्शी और प्रभावी निगरानी

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसकी निगरानी मुख्यालय स्तर से की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि हर आवेदन और शिकायत पर समय पर कार्रवाई हो। नागरिकों को भी अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देखने की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें बार-बार जानकारी के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा।

इसके अलावा, इस सिस्टम के जरिए विकास कार्यों में होने वाले दोहराव को भी रोका जा सकेगा। कई बार अलग-अलग स्तर पर एक ही तरह के काम दोबारा किए जाते हैं, जिससे संसाधनों की बर्बादी होती है। नई व्यवस्था से इस समस्या पर भी नियंत्रण संभव होगा।

120 करोड़ की परियोजना

सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर अगले पांच वर्षों में लगभग 120 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बना रही है। इस राशि का उपयोग सॉफ्टवेयर विकास, तकनीकी ढांचे को मजबूत करने और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में किया जाएगा।

सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे पहले सभी नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे इस नई प्रणाली का प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकें।

“सबका सम्मान, जीवन आसान” की दिशा में कदम

यह पहल राज्य सरकार की “सबका सम्मान, जीवन आसान” योजना के तहत उठाया जा रहा एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य नागरिकों के दैनिक जीवन को सरल बनाना और सरकारी सेवाओं तक उनकी पहुंच को आसान करना है।

इसके संचालन के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेषज्ञों की एक टीम भी गठित की जाएगी, जो पूरे सिस्टम की निगरानी और संचालन सुनिश्चित करेगी। इससे तकनीकी समस्याओं का समाधान भी समय पर किया जा सकेगा।

नागरिकों को मिलेगा बड़ा लाभ

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के लागू होने के बाद नागरिकों को सबसे बड़ा फायदा समय और सुविधा के रूप में मिलेगा। उन्हें अब किसी भी छोटे-बड़े काम के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही पोर्टल से वे अपनी जरूरत की सभी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे।

इसके अलावा, ऑनलाइन शिकायत निवारण प्रणाली के कारण लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से होगा और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम होगी। यह कदम शहरी प्रशासन को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।

निष्कर्ष

बिहार सरकार की यह पहल राज्य के शहरी प्रशासन में एक बड़े बदलाव की ओर संकेत करती है। 264 नगर निकायों की सेवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना न केवल तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह नागरिकों के लिए भी एक बड़ी राहत साबित होगा। आने वाले समय में यह व्यवस्था राज्य में ई-गवर्नेंस को मजबूत करने और सेवाओं को सरल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

यह भी पढ़ें

सीवान में डीएम की पत्नी से 19 लाख की ठगी का मामला

ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के नए नियम लागू करने की तैयारी

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *